Proutist Sarva Samaj

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Pragatisheel Mithila Samaj: प्रगतिशील मिथिला समाज के सदस्यता अभियान, दिनांक 2 अगस्त 2026 . स्थान – अमहा सुपौल.

2 अगस्त 2026 स्थान – अमहा सुपौल प्रगतिशील मिथिला समाज के सदस्यता अभियान में जुड़े 250 नए सदस्य ।आज दिनांक 2 अगस्त 2026 को आयोजित मिथिला समाज के द्वारा आयोजित सदस्यता अभियान आ शिक्षा शिविर का भव्य आयोजन किया गया । जिसका उद्घाटन प्राउटिष्ट सर्व समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आचार्य रणधीर देव ने किया । इस अवसर पर प्रगतिशील मिथिला समाज के महासचिव उमेश प्रसाद जी की गरिमा मयी उपस्थिति रही। सदस्यता अभियान के दौरान लगभग 250 लोगों ने प्रगतिशील मिथिला समाज की सदस्यता ग्रहण की ।जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य रणधीर देव ने कहा कि मिथिला क्षेत्र आध्यात्मिक रूप से तंत्र की भूमि रही है। यहां की संस्कृति एवं भाषा क्षेत्र दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, बेगूसराय, समस्तीपुर, वैशाली, सहरसा, मधेपुरा, का पश्चिमी भाग सुपौल, शिवहर, तथा मुजफ्फरपुर के क्षेत्र तक विस्तृत है। इन सभी क्षेत्रों की मातृभाषा मैथिली है, जो की एक समृद्ध एवं पूर्ण भाषा है। उन्होंने कहा कि संस्कृति की जननी मातृभाषा होती है, किसी भी समाज का सर्वाधिक विकास उसकी मातृभाषा से ही संभव है। मैथिली भाषा सरकार की उदासीनता के कारण मिथिला क्षेत्र में सरकारी और गैर सरकारी शिक्षा- दीक्षा तथा अदालत की भाषा नहीं बन पाई है, जो चिंता का विषय है। इस अवसर पर प्रगतिशील मिथिला समाज की ओर से विभिन्न वक्ताओं द्वारा निम्न प्रमुख मांगों को भी रखा -1. मिथिला को आत्मनिर्भर सामाजिक आर्थिक इकाई बनाया जाए ।2. कृषि को उद्योग का संवैधानिक दर्जा दिया जाए ।3. सभी लोगों को सत् प्रतिशत रोजगार की संवैधानिक गारंटी दी जाए।4. कृषि और कृषि आधारित उद्योग की स्थापना किया जाए ।5. मिथिला क्षेत्र से बाहर जाने वाला कच्चा माल पर रोक लगाकर कच्चा माल पर आधारित कारखाना लगाया जाए ।6. सभी शिक्षण संस्थान में शिक्षा- दीक्षा और मैथिली भाषा के माध्यम से हो ,साथ ही अदालती कामकाज की भाषा भी मैथिली हो ।7. सभी लोगों को शिक्षा और चिकित्सा मुक्त दिया जाए ।8. आयकर खत्म किया जाए ।9. अध्यात्म आधारित नैतिकवान नेतृत्व द्वारा सदविप्र समाज की स्थापना कि जाए ।10. अप संस्कृति पर रोक लगाया जाए ।11. संपूर्ण मिथिला क्षेत्र को बाढ़ और सुखार से मुक्त करने हेतु स्थाई योजना बनाई जाए। ताकि आदमी को बाढ़ और सुखार से स्थाई समाधान मिल सके।12. सभी लोगों को क्रय शक्ति का संवैधानिक अधिकार दिया जाए ताकि सभी लोग अपना भोजन , वस्त्र ,आवास, शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था कर सके ।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रगतिशील मिथिला समाज के अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया, इनमें राजू कुमार ,मोहन देव, सुरेश यादव, ललन कुमार, मुकेश जी ,अखिलेश जी, छविनाथ जी ,हरिशंकर जी, शंभू जी, विजय जी ,चैतन्य देव ,संजेश देव, वीरेंद्र शर्मा, मनोज शर्मा, सौरभ, जागेंद्र यादव, अविनाश जी, सहित अनेक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही । कार्यक्रम का समापन मिथिला क्षेत्र की आर्थिक संवर्धन एवं क्षेत्रीय स्मिता की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।

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